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वरिष्ठ नागरिकों (माता-पिता) को साइबर अपराधों और स्कैम से कैसे सुरक्षित करें

  • 22 Dec 2022
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शुभकामनाएं! आपने अभी-अभी 25 लाख रु. की लॉटरी जीती है।

"अपने बैंक अकाउंट में लॉग इन करें और 24 घंटे के भीतर अपनी डिटेल वेरिफाई करें अन्यथा यह राशि लॉक्ड हो जाएगी।"

"हमने आपका क्रेडिट कार्ड ससपेंड कर दिया है। यदि आप इसे तुरंत फिर से एक्टिव करना चाहते हैं, तो कृपया हमें xxxxxxxxxx पर कॉल करें। "

अगर आपके माता-पिता या दादा-दादी को पहले कभी ऊपर बताए गए SMS या ईमेल प्राप्त हुए हैं, तो स्कैमर्स ने उन पर अटैक करने की कोशिश की है।

ऑनलाइन स्कैम का शिकार कोई भी हो सकता है। लेकिन एक कारण है कि कई स्कैमस्टर्स विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट कर रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक अक्सर अकेले रहते हैं, कुछ गलत न हो जाए इसके बारे में बहुत चिंता करते हैं, अक्सर उन्हें लेटेस्ट स्कैम्स के बारे में पता नहीं होता है, और स्पष्टीकरण के लिए किसी से संपर्क नहीं होता है।

आइए विस्तार से कुछ और कारणों को समझें कि वरिष्ठ नागरिक इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार क्यों हो सकते हैं क्योंकि:

  1. धोखाधड़ी करने वाले मानते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों के बैंक खाते में बहुत सारी बचत होती है
  2. वरिष्ठ नागरिकों को या तो टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी नहीं होती है या कम जानकारी होती है
  3. उन्हें मैनिपुलेट करना आसान होता है।
  4. हो सकता है कि उन्हें शायद ही पता हो कि स्कैम की रिपोर्ट कैसे करनी है, या उन्हें इसे रिपोर्ट करते समय शर्म या अपराधबोध भी महसूस हो सकता है
  5. उन्हें यह डर हो सकता है कि उनके परिवार उनके खर्चों को अपने दम पर मैनेज करने की आपकी क्षमता पर भरोसा खो सकते हैं।

हालांकि, यह आपका कर्तव्य है कि वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन स्कैम के बारे में शिक्षित करें और उन्हें बताएं की वे इन स्कैम से खुद को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन फ्रॉड्स क्या हैं?

धोखाधड़ी करने वाले आजकल बुजुर्गों की मेहनत की कमाई लेने के लिए धोखा देने के अपने तरीकों में चालाक हो गए हैं। इसलिए, आइए उन ऑनलाइन धोखाधड़ी का विवरण जानें जो वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करती हैं:

1. फ़िशिंगः

हम सभी को रोमांचक डील पसंद हैं, है ना? और सीनियर सिटीज़न (वरिष्ठ नागरिक) इससे अलग नहीं हैं। यही वजह है कि वे कम कीमत वाली दवाओं, गिफ़्ट वाउचर आदि ऑफर करने वाले ईमेल और फ़ोन स्कैम (फ़िशिंग) का निशाना बन जाते हैं। इस तरह के स्कैम में, धोखाधड़ी करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को अपनी निजी जानकारी जैसे CVV, यूजरनेम, पासवर्ड, आदि शेयर करने के लिए प्रेरित करता है।

पीड़ित को किसी नकली वेबसाइट के लिंक से डील के बारे में बताने वाला मैसेज या ईमेल मिलता है। जब पीड़ित लिंक पर क्लिक करता है, तो उसे संवेदनशील जानकारी जैसे कि बैंक अकाउंट की जानकारी, CVV, OTP, आदि दर्ज करने के लिए कहा जाता है। इन नकली वेबसाइटों को इसलिए डिज़ाइन किया गया है ताकि बाद में स्कैमर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आपकी सभी निजी जानकारी इकट्ठा की जा सके, ताकि बाद में पीड़ित के खाते से पैसे डेबिट किए जा सकें। ज़्यादातर मामलों में, इन फ़िशिंग स्कैम की पहचान सिर्फ़ ग्राममेटिकल एरर यानी व्याकरण संबंधी त्रुटियों के ज़रिए की जा सकती है।

2. लॉटरी स्कैमः

लॉटरी स्कैम उन क्लासिक स्कैम्स में से एक है, जिन्हें फ्रॉडस्टर्स यानी धोखाधड़ी करने वालों ने यंग और सीनियर दोनों जनरेशन पर कई बार ट्राई किया है। इस स्कैम में एक 'कॉन्ग्रैचुलेशन/बधाई हो' मैसेज शामिल है जो वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता है कि उन्होंने लॉटरी प्राइज़ जीता है।

पुरस्कार का दावा करने के लिए, पीड़ित को प्रोसेसिंग फीस के रूप में बड़ी राशि ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है। ज़्यादातर मामलों में, वरिष्ठ नागरिक स्कैम के शिकार हो जाते हैं और अंत में अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा दे देते हैं।

3. ई-वॉलेट स्कैम:

सालों से, हमारे माता-पिता या दादा-दादी पैसे जमा करने और निकालने के लिए शारीरिक रूप से बैंकों और ATM जा रहे हैं। क्योंकि बुजुर्ग ई-वॉलेट से अच्छी तरह परिचित नहीं हैं, इसलिए स्कैमर्स उन्हें ई-वॉलेट स्कैम का शिकार बना रहे हैं।

इन दिनों, कई रोज़ाना के लेनदेन विभिन्न डिजिटल वॉलेट का उपयोग करके होते हैं, और स्कैमर्स ने वरिष्ठ नागरिकों को उनकी UPI ID या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर करने के लिए धोखा देने के कई तरीके खोज लिए हैं।

4. बैंकिंग स्कैमः

यह एक ऑनलाइन स्कैम नहीं हो सकता है, लेकिन यह वरिष्ठ नागरिकों को पीड़ित करने वाली सबसे आम फ्रॉड्स में से एक है। फ्रॉडस्टर आपके माता-पिता या दादा-दादी को कॉल करेगा और बैंक का प्रतिनिधि होने का नाटक करेगा। वह उनसे उनके बैंक अकाउंट को वेरिफाई करने के लिए कहेगा और उन्हें उनकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे डेबिट कार्ड नंबर, CVV आदि का खुलासा करने के लिए मैनिपुलेट करेगा और उनके अकाउंट से सारी बचत निकाल लेगा।

वरिष्ठ नागरिकों को स्कैम से कैसे सुरक्षित करें?

उपरोक्त और कई अन्य ऑनलाइन स्कैम वरिष्ठ नागरिकों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसलिए, यह ज़रूरी है कि हम बुजुर्गों को इन धोखाधड़ियों से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक करें।

  1. फ़िशिंग ईमेल से अवगत रहें और क्रॉस चेक करें कि क्या वे असल सोर्स से आए हैं। यह मेल जिस सोर्स से आया था, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके ऐसा किया जा सकता है।
  2. बैंक, NBFCs, या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी फोन पर या ऑनलाइन क्रेडिट/डेबिट कार्ड विवरण, CVV, OTP आदि जैसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती है। ऐसी जानकारी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें।
  3. कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें या SMS, ईमेल, या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भेजे गए अटैचमेंट/ऐप्स को डाउनलोड न करें।
  4. अगर आपको अपने प्रियजनों से किसी दूसरे नंबर से पैसे मांगने के लिए कॉल आती है, तो उन्हें उस नंबर पर कॉल करें, जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं और स्थिति की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं।
  5. अगर आपको किसी का कॉल आता है जिसमें दावा किया जाता है कि आपने लॉटरी या प्राइज़ जीता है, तो यह शायद एक स्कैम है, ऐसे कॉल को इग्नोर करें।
  6. किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेन-देन के लिए सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग न करें।
  7. हमेशा मजबूत पासवर्ड बनाएं जो संख्याओं और बड़े और छोटे करैक्टर का मिश्रण होना चाहिए।

हमारे माता-पिता या दादा-दादी को शायद तकनीक की समझ न हों, लेकिन सही मार्गदर्शन के साथ, वे निवारक उपायों के बारे में सीख सकते हैं और धोखाधड़ी से बच सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें यह भी जानना चाहिए कि अगर वे किसी धोखाधड़ी का सामना करते हैं, तो उसे तुरंत कैसे और कहाँ रिपोर्ट करना है।

ऑनलाइन स्कैम की रिपोर्ट कैसे करें?

अगर आपके माता-पिता/दादा-दादी पीड़ित हुए हैं, तो संभावित पीड़ितों की सुरक्षा के लिए आपको तुरंत स्कैम की रिपोर्ट करनी चाहिए। सरकार ने साइबरक्राइम की रिपोर्ट करने और इस तरह के स्कैम के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर- 155260 शुरू किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म सभी प्रमुख बैंक, पेमेंट वॉलेट और ऑनलाइन मर्चेंट के सहयोग से काम करता है।

इसके अलावा, जब आप एक स्कैम की रिपोर्ट करते हैं, तो आपको एक अकनॉलेजमेंट नंबर और आगे के निर्देशों के साथ एक SMS प्राप्त होगा, जिससे आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in/ पर धोखाधड़ी की जानकारी अपडेट कर सकते हैं।.

DMI Finance में हम पारदर्शिता, सुरक्षा और ग्राहक विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे ग्राहकों को हमेशा सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव मिले। DMI Finance कभी भी ग्राहकों से किसी संदेश, ईमेल या कॉल के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने, बैंकिंग विवरण साझा करने या व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी प्रदान करने का अनुरोध नहीं करता है। किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहें और केवल आधिकारिक माध्यमों के जरिए ही हमसे संपर्क करें।

हमारी सेवाओं के बारे में किसी भी संदेह या प्रश्नों के लिए, आप हमेशा हमसे 08064807777आधिकारिक DMI Housing Finance कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।.

विभिन्न प्रकार के स्कैम, डेटा को सुरक्षित रखने और ऑनलाइन सुरक्षित रहने के बारे में अधिक जानने के लिए, हमारे साइबर सुरक्षा ब्लॉग देखें : https://www.dmifinance.in/blog.html।साइबर फ्रॉड के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप फेसबुकलिंक्डइन,ट्विटर और यूट्यूब पर भी हमारे साथ जुड़े रह सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बुजुर्ग किस प्रकार के स्कैम में फंसते हैं?

सबसे आम स्कैम जिसमें बुजुर्ग फंस जाते हैं, वे हैं फ़िशिंग, ई-वॉलेट और बैंकिंग स्कैम।

भारत में धोखाधड़ी के लिए क्या सज़ा है?

धारा 447 के तहत, एक धोखेबाज़ को दी जाने वाली सजा 6 महीने से 10 साल के बीच कहीं भी हो सकती है और धोखाधड़ी में शामिल राशि के अनुसार भी बढ़ाई जा सकती है।

भारत में फाइनेंशियल क्राइम (वित्तीय अपराधों) की जांच कौन करता है?

गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) भारत में वित्तीय अपराधों की जांच करता है।

क्या PAN कार्ड नंबर का दुरुपयोग किया जा सकता है?

हां, कोई आपके नाम पर लोन लेने के लिए आपके पैन कार्ड का दुरुपयोग कर सकता है। यह लोन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई दे सकता है और आपके क्रेडिट स्कोर को भी प्रभावित कर सकता है।

क्या एक बैंक अकाउंट आधार कार्ड से हैक किया जा सकता है?

नहीं, आधार कार्ड के साथ बैंक अकाउंट हैक नहीं किया जा सकता है।

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